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पत्रकारीय लेखन के आयाम

Language: हिंदी
Pages: 216
Edition: Second, 2007
Published Year: 2004
ISBN: 81-7056-278-3

Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

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Patrakari Lekhan ke Aayam हिन्दी पत्रकारिता के नये क्षितिजों का स्पर्श करती यह पुस्तक, डॉ. मनोहर प्रभाकर द्वारा प्रस्तुत है। यह पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों से निकल रही नई पीढ़ी के लिए एक प्रामाणिक मार्गदर्शिका है। यह पुस्तक पत्रकारीय लेखन-शिल्प की नई जमीन तोड़ती है और पत्रकारिता के शिक्षार्थियों, उदीयमान पत्रकारों, और फ्रीलांसर्स के लिए समान रूप से उपयोगी है।

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पिछले ढाई-तीन दशकों में हिन्दी पत्रकारिता ने सामग्री-वैविध्य, साज-सज्जा और जीवन एवं जगत की हलचलों में पाठकों की बढ़ती इन्द्रधनुषी जिज्ञासाओं और अभिरुचियों के अनुरूप सृजनात्मकता के जिन नये क्षितिजों का स्पर्श किया है, वह एक क्रान्ति-युग का सूत्रपात है। इस युगान्तरकारी कालखंड में पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों और उच्चतर शिक्षा- केन्द्रों से निकल रही नई पीढ़ी के प्रतिभाशाली युवाओं के पत्रकारी व्यवसाय की ओर बढ़ते सम्मोहन के साथ ऐसी प्रामाणिक पुस्तकों की आवश्यकता निरन्तर अनुभव की जा रही है, जो नरो और भावी पत्रकारों को लेखन की विभिन्न विधाओं के क्षेत्र में प्रभावी मार्गदर्शन कर सकें।

अपने पांच दशक के परिपक्व अनुभव और साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने धारदार लेखन के लिए सुपरिचित डॉ. मनोहर प्रभाकर की सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के सर्वोच्च भारतेन्दु पुरस्कार से सम्मानित यह मौलिक पुस्तक पत्रकारीय लेखन-शिल्प की मार्गदर्शिका के रूप में एक नई जमीन तोड़ती है। पत्रकारिता के शिक्षार्थियों, उदीयमान पत्रकारों और पत्रकारी लेखन में अभिरुचि रखने वाले फ्रीलान्सर्स के लिए समान रूप से उपयोगी यह एक परम पठनीय ग्रन्थ है।

Weight375 g
Dimensions22.5 × 14.5 × 2 cm
Textbook Genre

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