मध्यकालीन भारत का इतिहास (1200-1761 ई.)
Author(s): डॉ. कालूराम शर्मा, डॉ. प्रकाश व्यास
University: राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर
Semester / Year: Semester 3
Curriculum: NEP 2020
Language: हिंदी
Format: पेपरबैक
Pages: 560
Publisher: पंचशील प्रकाशन
Edition:
Revised, 2025
ISBN:
978-81-7056-573-4
Original price was: ₹325.00.₹260.00Current price is: ₹260.00.
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यह पुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार की गई है, जिससे विद्यार्थियों को विषय की स्पष्ट, व्यवस्थित एवं परीक्षा-उपयोगी समझ प्राप्त हो सके।
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विषय-सूची
- सल्तनतकालीन भारतीय इतिहास के मुख्य स्त्रोत
- तुर्की आक्रमण एवं राजपूत प्रतिरोध
- दिल्ली सल्तनत की स्थापना और उसका सुदृढ़ीकरण
- खलजी साम्राज्यवाद
- तुगलक काल में नव-प्रवर्तन
- प्रान्तीय राज्यों का उदय
- विजयनगर तथा बहमनी राज्यों का योगदान
- मुगलकालीन भारतीय इतिहास के मुख्य स्रोत
- मुगल साम्राज्य की स्थापना : बाबर
- मुगल साम्राज्य की स्थापना : हुमायूँ
- शेरशाह सूरी का उत्कर्ष एवं उसका प्रशासन
- अकबर के अधीन मुगल साम्राज्य का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण
- मुगल राजनीति में नूरजहाँ जुन्ता की भूमिका
- मुगलों की राजपूत नीति
- मुगलों की सिक्खों के प्रति नीति
- मुगलों की दक्षिण नीति
- मुगलों की मध्य एशिया और फारस के प्रति नीति
- मुगलों की धार्मिक नीति
- शिवाजी का उत्कर्ष और मुगलों की मराठों के प्रति नीति
- 1761 ई. तक मराठा शक्ति का विस्तार
- मुगल साम्राज्य का पतन
- मध्यकाल में राजशासन : प्रशासनिक एवं कृषिपरक व्यवस्था
- अर्थव्यवस्था : कृषि, उद्योग, व्यापार, बैंकिंग और नगरीय केन्द्र
- मध्यकालीन समाज (सामाजिक वर्ग एवं स्त्रियों की स्थिति)
- भक्ति आन्दोलन एवं महाराष्ट्र धर्म
- सूफीवाद और सिक्ख धर्म
- कला, स्थापत्य एवं साहित्य का विकास
- सांस्कृतिक समन्वय एवं सम्मिश्र संस्कृति का विकास
| Weight | 490 g |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 × 2.5 cm |







मुद्रण माध्यम और संपादन
पानी की खोज
हिंदी पत्रकारिता के विविध आयाम
लोक वित्त
मुद्रा बैंकिंग एवं राजस्व
भूमि विधियाँ एवं राजस्व न्यायालय प्रशासन
नेहर छुट्यो जाय
प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र
Baal Vikas ke Nutan Aadhar
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