Mughal Empire

  • Sale! Lala Gokulchand Krit Begama Samru Ka Itihas

    Lala Gokulchand Krit Begama Samru Ka Itihas

    Original price was: ₹80.00.Current price is: ₹72.00.

    Lala Gokulchand Kr̥ta Begama Samru Ka Itihas लाला गोकुलचंद कृत बेगम समरू का इतिहास, ब्रिटिश लाइब्रेरी की फारसी पांडुलिपियों से लिया गया एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज है। महेंद्र नारायण शर्मा और राकेश कुमार शर्मा द्वारा प्रस्तुत यह कृति सरधना रियासत की सफल शासिका बेगम समरू के अनछुए प्रसंगों को उजागर करती है, और मुगल साम्राज्य के पतन तथा साम्राज्यवादी इतिहास-लेखन को समझने में सहायक है।

  • Sale! Bharat Ka Itihas Avm Sanskriti (1527-1947)

    भारत का इतिहास एवं संस्कृति (1527-1947)

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

    Bharat Ka Itihas Avm Sanskriti (1527-1947) भारत का मध्यकाल एवं आधुनिक काल हमारी गौरवमयी धरोहर है। डॉ. कालूराम शर्मा और डॉ. प्रकाश व्यास द्वारा लिखित यह पुस्तक मुगल साम्राज्य की स्थापना, पतन, और शिवाजी के नेतृत्व में मराठों के अभ्युत्थान जैसी घटनाओं का विवेचन करती है। यह ब्रिटिश सत्ता के अभ्युदय, भारतीयों के प्रतिरोध, और स्वाधीनता संग्राम में उत्पन्न देश की एकता पर प्रकाश डालती है, जो युवा पीढ़ी में देश प्रेम और राष्ट्रीयता की भावना को प्रस्फुटित करती है।

  • Sale! Shahjahankalin Bharat (1628-1658)

    शाहजहाँकालीन भारत (1628-1658)

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Shahjahankalin Bharat (1628-1658) मुगल साम्राज्य के स्वर्णकाल, शाहजहाँ के शासन (1628-1658 ई.) का ऐतिहासिक विवेचन। डॉ. एल.पी. माथुर और प्रो. एम.एल. मांडोत की यह पुस्तक आंतरिक शांति, सुदृढ़ शासन प्रबंध, सांस्कृतिक उन्नति (ताजमहल, तख्ते-ताऊस), और साम्राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता का चित्रण करती है, साथ ही उत्तराधिकार युद्ध और औरंगजेब की धर्मान्धता जैसी दुःखद घटनाओं का भी विश्लेषण करती है।

  • Sale! Babarkalin Bharat

    बाबरकालीन भारत

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Babarkalin Bharat मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके समय के भारत का महत्वपूर्ण विवेचन। डॉ. दिनेश मांडोत की यह कृति बाबर के भारत आगमन के कारण, तत्कालीन आर्थिक-राजनीतिक स्थिति, पानीपत और खानवा के युद्ध, तथा प्रशासनिक व्यवस्था का ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करती है।