₹700.00Original price was: ₹700.00.₹630.00Current price is: ₹630.00.
Mundak Upanishad ऋषि शौनक ने ब्रह्मर्षि अंगिरस से परा-विद्या और अपरा-विद्या का ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रार्थना की। अर्जुन देव आर्य ‘विषम’ द्वारा प्रस्तुत यह मुण्डक उपनिषद् ब्रह्म-विद्या के ज्ञान का एक महत्वपूर्ण अंश है। इसमें अथर्ववेद के माध्यम से ईश्वर-जीव और प्रकृति के ज्ञान द्वारा सृष्टि निर्माण, जीवात्मा का मोक्ष, और जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति प्राप्त करने का विस्तृत ज्ञान दिया गया है, जो पाठक को मोक्ष मार्ग पर अग्रसर होने में सहायक है।
₹700.00Original price was: ₹700.00.₹630.00Current price is: ₹630.00.
Prashnopanishd छः ऋषियों द्वारा पूछे गए सृष्टि निर्माता, जगत् का उपादान कारण, सर्वश्रेष्ठ देवता, शरीर के संचालन, स्वप्न, सुख-दुःख, और ओंकार के ध्यान से संबंधित प्रश्नों का उत्तर गुरु ऋषि पिप्पलाद ने वेदों के ज्ञान द्वारा अत्यंत उत्तम प्रकार से सिखाया है। अर्जुन देव आर्य ‘विषम’ द्वारा लिखित यह प्रश्नोपनिषद्, पाठक को जीवन में इन ज्ञान को उतारकर परमेश्वर की निकटता प्राप्त करने का मार्ग बताती है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Mandukya Upanishad ब्रह्मविद्या की यह पुस्तक सर्वाधिक उत्तम और अद्वैतवादियों को अत्यंत प्रिय है। अर्जुन देव आर्य ‘विषम’ द्वारा लिखित ‘माण्डूक्य उपनिषद’ ब्रह्म की चार अवस्थाओं—वैश्वानर, तेजस, प्राज्ञ, और तुरीय—का वर्णन करती है। यह पाठक को जीवन आनंद की ओर ले जाकर मोक्ष की ओर अग्रसर होने का मार्ग बताती है, जहाँ जीवात्मा सर्वत्र ब्रह्म की उपस्थिति महसूस कर उसी में लीन होकर आनंद प्राप्त करती है।