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Subodh Hindi Vyakaran
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00. -
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Hindi Vyakran Evam Rachna
By: Saroj Sharma₹250.00Original price was: ₹250.00.₹200.00Current price is: ₹200.00. -
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Hindi Vyakran
₹275.00Original price was: ₹275.00.₹220.00Current price is: ₹220.00. -
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Mahakavi Surdas Kr̥it Bhramarageet Sar
₹80.00Original price was: ₹80.00.₹64.00Current price is: ₹64.00. -
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अभिनव हिंदी व्याकरण
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.हिंदी व्याकरण के नियमों और सिद्धांतों का सरल एवं सुबोध प्रस्तुतीकरण। यह पुस्तक भाषा, वर्ण, शब्द, पद, वाक्य विचार और विराम चिह्नों का विश्लेषण करती है, जो स्नातक स्तर और प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
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हिंदी व्यंग्य: बदलते प्रतिमान
By: डॉ. तेजपाल चौधरी₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.हिंदी व्यंग्य की लंबी यात्रा, उसके विभिन्न रूप-आकारों और बदलते प्रतिमानों का गहन विश्लेषण। यह पुस्तक हास्य-व्यंग्य की भिन्नता, व्यंग्यकार की प्रतिबद्धता और व्यंग्य की शाश्वतता जैसे प्रश्नों की छानबीन करती है, जो व्यंग्यकारों और समीक्षकों के लिए उपयोगी है।
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हिंदी निबन्ध: उद्भव और विकास
By: डॉ. हेतु भारद्वाज (+1 more)₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.हिंदी निबंध की जटिल विधा के उद्भव और विकास का सम्यक् रेखांकन। यह पुस्तक निबंध के स्वरूप, भाषिक संयम और रचनात्मक विन्यास की बारीकियों को सरल भाषा में समझाती है, जो विश्वविद्यालयी और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।
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हिन्दी उपन्यासों में मूलबोध
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.हिंदी उपन्यासों में मूल्यबोध की प्रक्रिया और उसके अंतरंग विश्लेषण। यह पुस्तक उपन्यास की रचना-प्रक्रिया, जीवन मूल्यों के उद्घाटन और स्थापन को गहराई से समझाती है, जो पाठक को मानव जीवन की भावनात्मकता और दिशा का अहसास कराती है।
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हिंदी ललित निबंध की पहचान : कुबेरनाथ राय
By: डॉ. पुनम सेठी₹700.00Original price was: ₹700.00.₹630.00Current price is: ₹630.00.कुबेरनाथ राय के ललित निबंधों की विशिष्ट पहचान और उनके प्रकांड वैदुष्य का गहन विश्लेषण। यह पुस्तक संस्कृति-बोध, लोक-जीवन और विभिन्न भाषाओं के ज्ञान के अद्भुत संगम को उजागर करती है, जो उन्हें हिंदी के महान ललित निबंधकार बनाते हैं।
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आधुनिक हिंदी कविता का विकास
By: डॉ. हेतु भारद्वाज (+1 more)₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.भारतेन्दु काल से लेकर वर्तमान तक आधुनिक हिंदी कविता के विकास का समग्र रेखांकन। यह कृति कविता के विभिन्न पड़ावों, वैचारिक मोड़ और शिल्पगत परिवर्तनों का विश्लेषण करती है, छात्रों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक पूर्ण मार्गदर्शिका।
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व्यंग्य विद्या के विकास में डॉ. अजय अनुरागी का योगदान
By: डॉ. मंजू₹550.00Original price was: ₹550.00.₹495.00Current price is: ₹495.00.Vyangya Vidhya ke Vikas me Dr. Ajay Anuragi ka yogdan ‘व्यंग्य विधा के विकास में डॉ. अजय अनुरागी का योगदान’ विषय पर केंद्रित यह पुस्तक, डॉ. मंजू द्वारा लिखित, समकालीन व्यंग्य साहित्य में डॉ. अजय अनुरागी के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर को दर्शाती है। यह कृति उनके व्यापक व्यंग्य दृष्टि, लेखन के साथ-साथ विश्लेषण एवं मूल्यांकन की क्षमता, और व्यंग्य आलोचना में उनके योगदान को उभारकर व्यंग्य विधा के विकास में उनकी भूमिका को रेखांकित करती है।
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कविताभर एक उम्र
By: हेतु भारद्वाज₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.Kavitabhar ek Umra कविता आदमी का आदिम राग है, अभिव्यक्ति की सबसे महत्वपूर्ण और सूक्ष्म विधा है। हेतु भारद्वाज की यह पुस्तक कविता के अनुशासन, रचनाकार के श्रम, और उसके स्थापत्य पर गहन विचार प्रस्तुत करती है। यह कृति बताती है कि कविता किसी जीवन-स्थिति में पाठक को रागात्मक रूप से भागीदार बनाकर उसे किसी जीवन-मूल्य से जोड़ती है, और संवेदना उसका मूल तथा जीवन-मूल्य उसका नतीजा होना चाहिए।
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संवाद प्रति संवाद
By: हेतु भारद्वाज₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.Samwad Prati Samwad हेतु भारद्वाज की यह पुस्तक ‘संवाद प्रति संवाद’ स्त्री की अस्मिता, पितृसत्तात्मक संस्कारों से मुक्ति, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सवालों पर एक गहरा चिंतन प्रस्तुत करती है। यह कृति एक स्त्री के अनुभवों और विवेक पर विश्वास न करने के समाज के रवैये को उजागर करती है, और दर्शाती है कि कैसे मानसिक बंधनों से मुक्ति ही सच्ची स्वतंत्रता की ओर पहला कदम है।
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संत कवि कबीर: जीवन और सृजन
By: हर्दन हर्ष₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.Sant Kavi Kabir : Jeevan aur Srajan संत कवि कबीर: जीवन और सृजन, हरदान हर्ष द्वारा लिखित यह पुस्तक, मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के महान संत कवि कबीर के जीवन और उनके अमर सृजन का गहन अध्ययन प्रस्तुत करती है। यह कबीर के निर्भीक विचारों, सामाजिक समरसता के संदेश, और उनकी साखियों व पदों के माध्यम से उनके दर्शन को उजागर करती है, जो आज भी प्रासंगिक है।
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अज्ञेय का काव्य: जीवन-सत्य और दर्शन
By: डॉ. मीता शर्मा₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.Agyea Ka Kavya: Jeevan-Satya Aur Darshan सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन अज्ञेय, प्रयोगवाद के प्रणेता और नई कविता के शलाका पुरुष थे। डॉ. मीता शर्मा की यह कृति अज्ञेय के काव्य पर जीवन-सत्य, जीवन मूल्य और दर्शन की दृष्टि से विचार करने वाली एक गंभीर, विश्लेषणात्मक और आलोचनात्मक पुस्तक है। यह भारतीय और पाश्चात्य दार्शनिक चिन्तन, तथा आधुनिक काव्यान्दोलनों का अज्ञेय के काव्य पर प्रभाव का प्रमाण-सम्मत प्रतिपादन करती है।
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साठोत्तरी हिंदी कहानी साहित्य में चित्रित ग्रामीण समस्याएँ
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.Sathottari Hindi Kahani Sahitya mein Chitrit Gramin Samasyein भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसकी सामाजिक संरचना ग्रामीण जीवन पर टिकी है। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद की यह आलोचना कृति साठोत्तरी हिन्दी कहानी साहित्य में चित्रित ग्रामीण समस्याओं का समाजशास्त्रीय, नृशास्त्रीय, राजनीतिक और साहित्यिक दृष्टि से मूल्यांकन करती है। यह रेणु, मार्कण्डेय, शेखर जोशी जैसे कहानीकारों द्वारा चित्रित बदलते ग्रामीण जीवन का जीवंत दस्तावेज है।
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भीष्म साहनी का कथा साहित्य
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.Bhishm Sahani ka Katha Sahitya प्रेमचन्द की परंपरा को समग्रता में आगे बढ़ाने वाले कथाकारों में भीष्म साहनी का नाम अग्रणी है। डॉ. चंद्रप्रकाश महर्षि की यह कृति भीष्म साहनी के कथा-साहित्य का गहनता से अवगाहन करती है, जो उनके लेखन की सहजता, सरलता और रचनात्मक बहुआयामीपन को उजागर करती है। यह पुस्तक भीष्म साहनी की रचना-प्रक्रिया के अंतःसूत्रों को विश्लेषित करती है और हमारे समय व समाज को समझने में सहायक है।
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आधुनिक हिंदी उपन्यास और स्त्री विमर्श
By: सुभाषचन्द्र घायल₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.Aadhunik Hindi Upanyas aur Stri Vimarsh बीसवीं सदी के अंतिम दशकों में उभरे स्त्री विमर्श ने साहित्य के परिदृश्य को बदला। सुभाषचंद्र घायल की ‘आधुनिक हिन्दी उपन्यास और स्त्री विमर्श’ कृति इस विमर्श के विविध आयामों, स्त्री अस्मिता, पारिवारिक व सामाजिक हैसियत, शोषण और अधिकारों की प्रासंगिकता का वस्तुपरक विश्लेषण करती है। यह पुस्तक हिन्दी उपन्यासों द्वारा स्त्री विमर्श को दिए गए विस्तार और स्त्री की स्थिति को प्रदान की गई महत्ता को गंभीरता से विचार करती है।
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अलंकार पारिजात
By: डॉ. हेतु भारद्वाज (+1 more)₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.Alankar Parijat भारतीय काव्यशास्त्र में अलंकारों का महत्व निर्विवाद है। डॉ. हेतु भारद्वाज और डॉ. रमेश मयंक की यह कृति काव्य के विभिन्न उपकरणों का सम्यक् और सोदाहरण विवेचन करती है। यह भारतीय तथा पश्चिमी काव्यशास्त्र की अवधारणाओं का विश्लेषण करती है, जो काव्य के मूल्यांकन और रचनाकार के उपकरण को समझने में पाठकों की मदद करती है।




















